स्पैन्ड्रल के बारे में

SPANDREL का विस्तारित रूप - एस.पी.ए. की एक पत्रिकाः जीने योग्य वातावरण के अनुसंधान में नए आयाम। जिसे योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकाशित किया गया है।

विद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली के आधार पर अनुसंधान एवं जांच के माध्यम से सशक्त अभिकल्पन समाधान तैयार किया गया है। यह पत्रिका भविष्य में विविध अनुशासनों के सीमांत अनुसंधान की आशा करती है जो कि वातावरण के प्रति हमारी समझ को और अधिक समृद्ध करेगी और बड़ी प्रभावपूर्ण एवं संवेदनशील मदद मिलेगी जैसे पेशेवरों ने भरोसे के साथ भविष्य की आकृति को बनाने की जिम्मेवारी ली है।

संक्षिप्त SPANDREL इतिहास के महत्वपूर्ण वास्तुशिल्प तत्वों का प्रतीक है। इसे निम्न परिभाषा द्वारा व्यक्त कर सकते हैं ''दो वृत्त या एक वृत्त एवं एक आयत के मध्य का स्थान। स्पैन्ड्रल के निर्माण की संरचनात्मक स्थिरता में एक धनुषाकार प्रणाली में खुलने की महत्वपूर्ण भूमिका है। हॉलाकि ऐतिहासिक दृष्टि से शब्द स्पैन्ड्रल उसके कार्यात्मक मूल से विकसित किया गया है और एक सुविधा तत्व अक्सर अमीर अलंकरण के साथ चित्रित होने के लिये जुड़ गया है। तत्व अपने विनम्र मूल से परे एक मार्ग पर चला गया और विविध निर्माण कार्य में विशेष रूप से देखा गया है। जैसे स्पैन्ड्रल खुलने पर दीर्धावधि गुम्बद की तरह त्रिआयामी स्पैन्ड्रल इनपेन्डक्टिव के रूप में प्रकट होता है।
पत्रिका की उम्मीद है कि स्पैन्ड्रल के प्रगति तत्व विकास एवं महत्व के प्रतीक हैं एवं अनुसंधान और वातावरण की डिजाइन के दायरे में दौड़ने के लिए अन्वेषणों की एक यात्रा के माध्यम से शुरूआत का विकास हो रहा है।

SPANDREL ISSUE 13, SPRING, 2017 :
Call for papers on the theme "Water Sensitive Development"

SPANDREL ISSUE 12, monsoon, 2016 :
Call for papers on the theme "Geo-spatial Aspects of Planning and Development"

SPANDREL ISSUE 11, SPRING 2015-16 :
Call for papers on the theme "Making Cities Smart and Competitive"

SPANDREL ISSUE 10, MONSOON 2015