प्रतीक चिन्ह के बारे में :-
योजना एवं वास्तुकला विद्यालय भोपाल, मध्य भारत के झीलों के शहर भोपाल में स्थित है। संस्थान के प्रतीक चिन्ह की पृष्ठभूमि में मालवा वास्तुकला का अर्थ समाहित है, जो कि मालवा सल्तनत की राजधानी मांडू में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के सामने ‘महादेव‘ के प्रतीक एक शंखनुमा घुमावदार जलवाहिका है। भक्तजन पुष्प को पूर्ण आस्था के साथ अपनी इच्छापूर्ति हेतु इसमें अर्पित करते हैं। जलवाहिका में प्रवाहित जल, पुष्परुपी इच्छा के साथ जीवन के संघर्ष एवं ध्येय की सफलता का संकेत देता है। जो कि वास्तुकला का अभिन्न अंग एवं School of Planning and Architecture] स्वरुप का प्रतीक है। संस्थान के प्रतीक चिन्ह में शंखाकार रूप में दर्शित “S” अग्नि “P” वायु तरंग एवं “A” पानी की बूंद प्रदर्शित करती है प्रतीक चिन्ह के नीचे संस्कृत में लिखा श्लोक ‘स्थपतिः स्थापनार्ह्ः स्यात् सर्वषास्त्रविषारदः‘ श्समरांन्गना सूत्रधार से उद्दृत है जिसका अर्थ है कि वास्तुकार को वास्तुकला के साथ सभी विषयों का ज्ञाता होना चाहिये, प्रतीक चिन्ह का उद्देश्य छात्रों को वास्तुकला के साथ-साथ सर्व विषयों में पारंगत कर भविष्य में एक नये आयाम के लिये तैयार करना है ।